Bishnoi Samaj के मुख्य आठ धाम (अष्ठ धाम)

Bishnoi Samaj के मुख्य आठ धाम (अष्ठ धाम)

गुरु जाम्भोजी बिश्नोई पंथ के सस्थापक है, इन्हे पंथ में साक्षात् विष्णु मन जाता है और इसी रूप में इनकी पूजा की जाती है। Bishnoi Samaj के गुरु जाम्भोजी है इसी कारन इनसे जुड़े सभी स्थल बहुत महत्वपूर्ण और पूजनीय है। भगवान जाम्भोजी ने जहा जहा भृमण किया और जहा ठहर क्र ज्ञान...
Bishnoi पंथ के सभी गोत्र

Bishnoi पंथ के सभी गोत्र

हम अपने Bishnoi Panth की बात करते है तो इसमें कई गोत्र है। जिनकी गणना की बात करे तो वो ३७०(370) है। बिश्नोई पंथ की सभी गोत्र जो जाम्भोजी भगवान द्वारा बिश्नोई बनी थी, वो आपको इस सूची में दी गई है :- Bishnoi गोत्र...
रांवासर जम्भधोरा(RAVASAR) – इतिहास और चमत्कार

रांवासर जम्भधोरा(RAVASAR) – इतिहास और चमत्कार

अगर हम जम्भधोरा रांवासर के बारे में बात करे तो वह आज के राजस्थान के बीकानेर जिले की लुनकरणसर तहसील में रावांसर(Ravasar) गाँव के पास स्थित है। यहाँ पर गुरु जाम्भोजी ने लोगो को जीवो के प्रति दया भावना का परचा दिया था। रावांसर जम्भधोरा का इतिहास बिश्नोई समाज के ही नही...
Muktidham Mukam(मुक्तिधाम मुकाम)

Muktidham Mukam(मुक्तिधाम मुकाम)

जब भी मुकाम(Mukam) का नाम सुनते है तो जाम्भोजी भगवान को हम याद करते है, बहुत से लोगो को तो पता होगा की मुकाम का इतिहास क्या है और मुकाम में मेला क्यों लगता है. लेकिन आज भी बिश्नोई समाज के बहुत से लोग मुकाम का सही इतिहास नहीं जानते है, कि मुकाम बिश्नोई समाज से किस...
खेजड़ली बलिदान(Khejarli Balidan) 363 अमर-शहीद सूची

खेजड़ली बलिदान(Khejarli Balidan) 363 अमर-शहीद सूची

गुरु जम्बेश्वर भगवान ने 29 नियम बताये थे। उन नियमो का पालन करने वाले जन बिश्नोई जन कहलाये, गुरु महाराज द्वारा बताये गए 29 नियमो से से एक नियम है “पेड़ पोधो की रक्षा करना।” इसी नियम के अनुसार सन 1787 में खेजड़ली गाँव में 363 बिश्नोई समाज के लोगो ने खेजड़ी...